सफलता की संतुष्टि
सफलता की संतुष्टि "यह आवश्यक नहीं कि सर्वाधिक प्रसन्न व्यक्ति प्रत्येक वस्तु (सुविधा) सर्वोत्तम हो, लेकिन यह सुनिश्चित है कि उन्होंने प्रत्येक वस्तु को ही सर्वोत्तम बना दिया है." सफलता का कोई एक सर्वमान्य सूत्र नहीं है यदि होता, तो सभी उसी की नकल करके सफल हो जाते सच बात तो यह है कि जितने व्यक्ति हैं, सफलता के सूत्र भी उतने ही हैं. प्रत्येक की सफलता की राह भिन्न-भिन्न है, तभी तो प्रत्येक की प्रसिद्धि अलग-अलग रूप में परिलक्षित होती है. कोई साधु बनकर सफल होता है, कोई नेता बनकर, कोई खिलाड़ी के रूप में, तो कोई बतौर अभिनेता कोई सीधी राह चलकर सफल होता है, तो कोई पुरानी राह छोड़कर नई राह बनाता है और तब सफल होता है. सफल होने के न केवल तरीके भिन्न-भिन्न हैं, बल्कि, सफलता के अर्थ भी अलग-अलग हैं. कोई धनी बनने पर स्वयं को सफल महसूस करता है, तो कोई यशस्वी बनकर. किसी के लिए कम्पनी खोलना सफलता का पर्याय है, तो किसी के लिए कम्पनी में नौकरी पाना. कुल मिलाकर हर ...